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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सारण न्यायपालिका ने दिया स्वास्थ्य और संतुलन का संदेश

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पुनीत कुमार गर्ग ने कहा कि, "योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की जीवनशैली है। न्यायिक कार्य अत्यंत उत्तरदायित्वपूर्ण एवं मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में नियमित योग तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा सकारात्मक ऊर्जा के साथ कर्तव्यों के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमें योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।"

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग के नेतृत्व में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

छपरा, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित टेन कोर्ट बिल्डिंग में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), सारण, श्री पुनीत कुमार गर्ग ने किया।

इस अवसर पर डीएएसजे 1, डीएएसजे 4, डीएएसजे 7 डीएएसजे 17, न्यायाधीश विशेष एक्साईज कोर्ट 1, न्यायाधीश विशेष एक्साईज कोर्ट 2, न्यायाधीश विशेष पॉक्सो कोर्ट, विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट सीजेएम, एसीजेएम 2, एसीजेएम 6, सचिव डालसा,  चीफ लैड्स पुर्णेंदु रंजन, सहायक लैड्स अरमान अशरफ, रिटेनर लॉयर डॉ अमित रंजन, पैनल अधिवक्ता बेदार बख्त, अधिवक्तागण, नाजिर चमन जी, पीठ लिपिक नज़रे इमाम, धर्मेन्द्र साह, न्यायालयीय कर्मचारीगण ने सामूहिक  रूप से विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति एवं सकारात्मक कार्य संस्कृति का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पुनीत कुमार गर्ग ने कहा कि, “योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की जीवनशैली है। न्यायिक कार्य अत्यंत उत्तरदायित्वपूर्ण एवं मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में नियमित योग तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा सकारात्मक ऊर्जा के साथ कर्तव्यों के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमें योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।”

श्री पुनीत कुमार गर्ग, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सारण

उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों से नियमित योग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर न्यायपालिका द्वारा आयोजित यह सामूहिक योगाभ्यास स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बना।

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