बाघाकोला-हैजलपुर के समीप भारी दबाव से मुख्य बांध में आई दरार ने लिया विकराल रूप, राहत-बचाव कार्य तेज
छपरा। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से सारण जिले में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गुरुवार को मकेर प्रखंड के बाघाकोला-हैजलपुर के समीप पानी के भारी दबाव के कारण सारण तटबंध का मुख्य बांध टूट गया, जिसके बाद दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया। कई स्थानों पर घरों के साथ-साथ मवेशी भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
बताया जाता है कि गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा था। प्रशासन की ओर से तटबंध की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा और मरम्मत कार्य कराया जा रहा था। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे।
इसी बीच बाघाकोला और हैजलपुर के समीप तटबंध में पहले दरार पड़ी। पानी के लगातार दबाव के कारण दरार बढ़ती गई और देखते ही देखते मुख्य तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। तटबंध टूटने के बाद पानी आसपास के गांवों की ओर तेजी से फैलने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से टूटे तटबंध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर कराया जा रहा है, ताकि पानी के फैलाव को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता प्रभावित लोगों और मवेशियों को सुरक्षित निकालने तथा तटबंध के कटाव को नियंत्रित करने की है।



