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अपनी नीतियों की वजह से सत्ता से बाहर है कांग्रेस, भाजपा का भी होगा बुरा हाल – मायावती

बसपा सुप्रीमो ने अपनी जनसभा के दौरान कहा कि बसपा किसी से मिलकर नहीं बल्कि अकेले ही अपने पार्टी के बलबूते पर पूरी तैयारी के साथ यह चुनाव लड़ रही है।

लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपना पूरा तामझाम और दमखम दिखा रही है। इसी कड़ी में बक्सर लोकसभा सीट से बसपा प्रत्याशी अनिल कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार करने गुरुवार को बसपा सुप्रीमो मायावती बक्सर पहुंची। मायावती ने आईटीआई मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। बसपा सुप्रीमो ने अपनी जनसभा के दौरान कहा कि बसपा किसी से मिलकर नहीं बल्कि अकेले ही अपने पार्टी के बलबूते पर पूरी तैयारी के साथ यह चुनाव लड़ रही है।

इसके साथ ही हमने टिकट बंटवारे के मामले में भी सर्व समाज के लोगों को उसी अनुपात में उन्हें उचित भागीदारी भी दी जिसको कामयाब बनाने के लिए पार्टी के लोग पूरे जी जान से लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र तथा कई राज्यों की सत्ता से इसलिए बाहर हुई क्योंकि उसने गलत नीतियां बनाई तथा उसकी कथनी और करनी में काफी अंतर था। ठीक उसी तरह भाजपा की कथनी और करनी में भी अंतर है। ऐसे में इस बार सत्ता में वापस आना उसके लिए काफी मुश्किल होगा।

बक्सर में अपनी जनसभा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज आपके जबरदस्त जोश को भी देखकर अब मुझे भी यह काफी हद तक भरोसा हो गया है कि आप लोग इस चुनाव में यहां तथा अपने प्रदेश से अपनी पार्टी का बेहतर रिजल्ट जरूर देंगे। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आजादी के बाद केंद्र व देश के अधिकांश राज्यों में ज्यादातर सत्ता कांग्रेस पार्टी के हाथों में रही, किंतु दलित आदिवासियों को केंद्र के साथ ही कई राज्यों की भी सत्ता से बाहर रखा गया। ऐसे में उनकी सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए हमें बीएसपी बनाने की जरूरत पड़ी थी।

अंग्रेजों के जाने के बाद आजाद भारत में जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनी तो उस समय बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर आजाद भारत की पहली सरकार में लॉ मिनिस्टर बने थे। उन्होंने उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा पार्टी के लोगों को यह कहा था कि ऐसे वर्ग के लोग जिन्हें जिंदगी के हर पहलू में आगे बढ़ाने के लिये सरकारी नौकरियों में जो आरक्षण की सुविधा दी गई है उसका पूरा लाभ इन वर्गों को नहीं मिल पा रहा है, इसलिए केंद्र की सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।

हिंदू कोड बिल के जरिए वह यह चाहते थे कि इस देश की महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर बराबर का हक मिले। आज भी कांग्रेस बीजेपी एंड कंपनी के लोग नहीं चाहते हैं कि इन वर्गों के लोगों को भारतीय संविधान के मुताबिक आगे बढ़ने का मौका मिले।

अपनी नीतियों की वजह से सत्ता से बाहर है कांग्रेस, भाजपा का भी होगा बुरा हाल 

मायावती ने कहा कि कांग्रेस की दोहरी नीति तथा कथनी और करनी में अंतर होने की वजह से कांग्रेस केंद्र और ज्यादातर राज्यों की सत्ता से बाहर हुई है। अब पिछले काफी वर्षों से बीजेपी की जातिवादी एवं पूंजीवादी राजनीति तथा कार्य प्रणाली आदि से तथा उनकी कथनी व करनी में भी काफी अंतर दिख रहा है। इसी की वजह से ऐसा लगता है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी भी केंद्र की सत्ता में आसानी से वापस आने वाली नहीं है। हालांकि यदि वोटिंग मशीन में छेड़छाड़ हुई तो कुछ कहा नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने संगठन चलाने आदि के लिए कई धन्ना सेठ से अरबो रुपए का चंदा लिया, जिसका सुप्रीम कोर्ट के द्वारा खुलासा किया गया लेकिन बहुजन समाज पार्टी मेंबरशिप के जरिए, जन्मदिन के मौके पर थोड़ा-थोड़ा धन इकट्ठा करके अथवा चुनाव के मौके पर कार्यकर्ताओं से थोड़ा-थोड़ा धन लेकर चलाई जाती है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव के दौरान कोई घोषणा पत्र नहीं जारी करते लेकिन फिर भी बगैर कोई घोषणा पत्र जारी किए हम चार बार उत्तर प्रदेश की सत्ता में रहे।

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