छपरा, 2 जुलाई। आगामी जनसंख्या गणना के पूर्व परीक्षण (प्री-टेस्ट) को सफल, सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से सोनपुर नगर परिषद सभागार में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण में फील्ड में पूछे जाने वाले प्रश्नों, डिजिटल डेटा संकलन, प्रपत्रों के सही संधारण तथा नागरिकों से प्रभावी संवाद स्थापित करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रतिभागियों को फील्ड में आने वाली संभावित व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान से भी अवगत कराया। साथ ही प्रत्येक सत्र के बाद क्षमता जांच (Assessment Test) आयोजित कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
पूर्व परीक्षण से दूर होंगी कमियां
जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि जनसंख्या गणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय गतिविधियों में से एक है, जिसके आधार पर सरकार विकास योजनाएं, संसाधनों का वितरण और जनकल्याणकारी नीतियां तैयार करती है। उन्होंने कहा कि पूर्व परीक्षण का उद्देश्य वास्तविक जनगणना से पहले पूरी व्यवस्था का परीक्षण कर संभावित कमियों की पहचान करना और उन्हें दूर करना है। उन्होंने सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से निष्पक्षता, जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण का अधिकारियों ने किया अनुश्रवण
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला नोडल अधिकारी सह डीएसओ अंजनी कुमार लाल अपनी टीम के साथ प्रशिक्षण में लगातार मौजूद रहे। जनगणना निदेशालय से आए संयुक्त निदेशक मंजू गुप्ता, सहायक निदेशक शिवेन्द्र कुमार, प्री-टेस्ट नोडल संजीव कुमार तथा कार्यपालक पदाधिकारी शशि कुमार ने भी प्रशिक्षण का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जिला नोडल आयुषी कुमारी, जुली कुमारी सहित प्रशिक्षकों एवं जिला कोषांग के अधिकारियों ने समन्वय बनाकर प्रशिक्षण को सफल बनाया।
स्व-गणना में अब स्वतः अपलोड होगी लोकेशन
अपर जिला जनगणना अधिकारी सह डीएसओ तारणी कुमार ने बताया कि 1 से 5 जुलाई तक सोनपुर नगर परिषद के चयनित 10 वार्डों में प्री-टेस्ट के तहत आम नागरिकों को स्व-गणना का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना प्रणाली को और अधिक सरल बनाया गया है। अब लोगों को अलग से गूगल लोकेशन खोजने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि मोबाइल ऐप स्वतः लोकेशन दर्ज कर लेगा। साथ ही प्रगणकों को मोबाइल नंबर के माध्यम से संबंधित परिवार का विवरण भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह पूर्व परीक्षण वास्तविक जनसंख्या गणना का ट्रायल है, जिससे पूरी प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से परखा जाएगा और अंतिम जनगणना को अधिक प्रभावी एवं त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा।



