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आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था होगी और मजबूत, भोजन से लेकर बच्चों के विकास तक डीएम ने तय की जवाबदेही

डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन और बच्चों को पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराने की स्थिति की नियमित रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। इसके लिए पोषण ट्रैकर की रिपोर्ट के साथ मैनुअल रिपोर्ट भी तैयार करने को कहा गया।

छपरा, 13 अगस्त। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आईसीडीएस की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

पात्र लाभुकों को समय पर मिले योजनाओं का लाभ

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पानी और शौचालय अनिवार्य

आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पेयजल की व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग तथा बिजली की उपलब्धता के लिए अधीक्षण अभियंता, विद्युत को आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्राचार करने को कहा गया।

किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नजदीकी सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध कमरों, सामुदायिक भवनों अथवा पंचायत सरकार भवनों में उपयुक्त स्थान चिह्नित करने का निर्देश सभी सीडीपीओ को दिया गया। चिन्हित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराने को कहा गया।

बच्चों के भोजन की फोटो से होगी मॉनिटरिंग

डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन और बच्चों को पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराने की स्थिति की नियमित रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। इसके लिए पोषण ट्रैकर की रिपोर्ट के साथ मैनुअल रिपोर्ट भी तैयार करने को कहा गया।

उन्होंने फोटो के माध्यम से केंद्रों के संचालन और भोजन वितरण का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रखंड समन्वयक, महिला पर्यवेक्षिका एवं संबंधित ऑपरेटर द्वारा फोटो आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी। बच्चों को भोजन करते हुए फोटो भी प्रतिदिन की संकलित रिपोर्ट के साथ उपलब्ध करानी होगी।

बेहतर काम करने वाले केंद्रों को किया जाएगा प्रोत्साहित

सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में किए जा रहे अच्छे एवं नवाचारपूर्ण कार्यों की नियमित रिपोर्टिंग का निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले केंद्रों की अच्छी पहल एवं उपलब्धियों को चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि दूसरे केंद्र भी उनसे प्रेरणा लेकर अपनी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर सकें।

सेविका-सहायिका चयन में पारदर्शिता पर जोर

आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान बताया गया कि आवेदन प्राप्त करने के साथ काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब मेधा सूची तैयार कर उसका प्रकाशन किया जाना है।

डीएम ने चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए कमेटी गठित कर सोमवार को बैठक आयोजित करने तथा समिति में सहायक कोषागार पदाधिकारी एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी को भी शामिल करने को कहा गया।

लंबित न्यायिक वादों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

आईसीडीएस से संबंधित लंबित न्यायिक वादों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।

प्रथम संस्था के साथ होगा विशेष प्रशिक्षण

बैठक के अंत में डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय संस्था प्रथम के साथ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत सभी सीडीपीओ अपने-अपने परियोजना क्षेत्र से उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच सेविकाओं एवं सहायिकाओं को चिह्नित कर प्रशिक्षण के लिए भेजेंगे।

प्रशिक्षण में बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता के आधार पर श्रेणी निर्धारण, विकास का बेसलाइन, मिडलाइन एवं एंडलाइन असेसमेंट तथा मूल्यांकन के आधार पर बच्चों के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने की जानकारी दी जाएगी।

डीएम ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की क्षमता बढ़ेगी और बच्चों के विकास की वास्तविक स्थिति को बेहतर ढंग से समझकर उनके लिए प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी, सुगम एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, पोषण सेवाओं की गुणवत्ता और बच्चों के समग्र विकास की निरंतर निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

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