छपरा, 15 जून 2026। सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, राजस्व, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 16, 17 एवं 18 जून को जिले के सभी प्रखंडों में “प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर” का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत 16 जून को प्रत्येक प्रखंड की दो-दो पंचायतों सहित कुल 40 पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों को पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। शिविरों में आवेदन प्राप्ति, निबंधन, सत्यापन, ई-केवाईसी सहित अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। पूर्व में प्राप्त आवेदनों की प्रगति से आवेदकों को अवगत कराने तथा नए आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
न्यायालय से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से स्टेटमेंट ऑफ फैक्ट एवं अन्य आवश्यक प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल करने को कहा। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा निर्गत महत्वपूर्ण पत्रों एवं निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई।
अभियान बसेरा के अंतर्गत वास भूमि बंदोबस्ती की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को पात्र परिवारों को शीघ्र वास भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही आपदा संपूर्ति पोर्टल पर परिवार सूची अद्यतन करने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने को कहा।
मानसून एवं संभावित बाढ़ को देखते हुए सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को जलजमाव वाले स्थलों की पहचान कर वहां जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बाढ़ सुरक्षा तैयारियों के तहत तटबंधों के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों के लिए विस्तृत संचार योजना तैयार कर जिला आपदा शाखा को उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) की रोकथाम एवं जनजागरूकता अभियान की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग को संध्या चौपाल, शिक्षा विभाग को विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, जीविका समूहों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार तथा आईसीडीएस को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
जिला उद्योग केंद्र परिसर में टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना एवं संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत शेष 1,15,380 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण अभियान चलाकर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), सिविल सर्जन सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।



