डीएम वैभव श्रीवास्तव ने तैयारियों की समीक्षा कर दी सख्त समय-सीमा, 20 जून तक भवन और 25 जून तक फर्नीचर व्यवस्था पूरी करने का निर्देश
छपरा, 11 जून 2026: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” संकल्प को साकार करने की दिशा में सारण जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के उन सभी प्रखंडों में, जहां अब तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं था, आगामी 1 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेजों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
सारण जिले के तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर प्रखंडों में तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिह्नित सरकारी भवनों में कॉलेजों की कक्षाएं शुरू होंगी। इस संबंध में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें तैयारियों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने नामित किए प्राचार्य
नए डिग्री कॉलेजों के संचालन को व्यवस्थित बनाने के लिए जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा द्वारा सभी नौ कॉलेजों के लिए प्राचार्यों का नामांकन कर दिया गया है। इससे शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को समय पर शुरू करने में सहूलियत होगी।
20 जून तक भवन तैयार, 25 जून तक फर्नीचर उपलब्ध कराने का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रखंडवार भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) को निर्देश दिया कि सभी चयनित भवनों में आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन, विद्युतीकरण, शुद्ध पेयजल तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था 20 जून तक हर हाल में पूरी की जाए।
इसके अलावा कॉलेजों के लिए आवश्यक बेंच-डेस्क, टेबल, कुर्सियां, अलमारी, बुक शेल्फ तथा अन्य उपभोज्य सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया को तेजी से पूरा करते हुए 25 जून तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा और स्वच्छता पर भी विशेष जोर
कॉलेज परिसरों में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सफाईकर्मियों की तैनाती तथा सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि छात्रों को पहले दिन से ही सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, LAEO के कार्यपालक अभियंता, जिला लेखा पदाधिकारी, वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त, नजारत उप समाहर्त्ता सहित शिक्षा एवं निर्माण कार्यों से जुड़े सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) भी बैठक से जुड़े।
इस पहल को जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों ग्रामीण विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड में स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।



