HomeBiharCensusजनगणना कार्य में लापरवाही पर शिक्षक पर कार्रवाई: ₹1000 जुर्माना और कारावास...

जनगणना कार्य में लापरवाही पर शिक्षक पर कार्रवाई: ₹1000 जुर्माना और कारावास की चेतावनी

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना राष्ट्रीय स्तर का अत्यंत महत्वपूर्ण और सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही राष्ट्रहित की अवहेलना और गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छपरा 27 अप्रैल 2026। जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जनगणना कार्य में कोताही बरतने और अनुशासनहीनता के मामले में सख्त कदम उठाया है। परसा प्रखंड के एक शिक्षक पर जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ₹1000 का अर्थदंड लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कारावास की कड़ी चेतावनी भी दी गई है। जिले में कुल 23 अन्य प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को भी लापरवाही के कारण कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है।

​शिक्षक पर disciplinary action

​मामला परसा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय अंजनी के प्रधानाध्यापक आनंदी प्रसाद का है, जिन्हें जनगणना कार्य में सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह जनगणना नोडल अधिकारी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर, आनंदी प्रसाद 23 अप्रैल को प्रशिक्षण कार्यक्रम से बिना पूर्व सूचना के आधे समय पर ही अनुपस्थित हो गए थे। इसके अलावा, 24 अप्रैल को प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और अन्य प्रशिक्षुओं को भी भड़काने की कोशिश की।

​जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा डालने का गंभीर प्रयास माना। उन्होंने जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 (क क) के तहत उन पर ₹1000 का अर्थदंड लगाने का आदेश दिया। साथ ही, उन्हें 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर तीन साल के कारावास की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

​जिलाधिकारी का सख्त संदेश

​जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना राष्ट्रीय स्तर का अत्यंत महत्वपूर्ण और सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही राष्ट्रहित की अवहेलना और गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई

​यह पहली बार नहीं है जब जिले में जनगणना कार्य में लापरवाही को लेकर सख्त कार्रवाई हुई है। प्रशिक्षण के प्रथम चरण में भी 16 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों पर कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा, तीन जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स पर भी गाज गिर चुकी है।

​ताजा मामले में, जिले के तीन प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) ने भी सख्त रुख अपनाया है:

  • मढ़ौरा: पांच प्रशिक्षुओं पर शो-कॉज की कार्रवाई हुई.
  • परसा: एक प्रशिक्षु को नोटिस दिया गया.
  • रिविलगंज: एक प्रशिक्षु पर शो-कॉज जारी किया गया.

​इसके अतिरिक्त, जिले में विभिन्न स्तरों पर कुल 23 अन्य प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कार्य में लापरवाही के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि जनगणना कार्य को लेकर प्रशासन अत्यंत गंभीर है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments