पटना, 15 अप्रैल 2026: लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवा निवृत्त) सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में पूर्वाह्न 11.00 बजे आयोजित किया गया।मंत्रियों के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने वालों में विजय कुमार चौधरी एवं बिजेन्द्र प्रसाद यादव शामिल हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केन्द्रीय मंत्री जे०पी० नड्डा, केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा, भाजपा के संगठन महामंत्री बी०एल० संतोष सहित सहित अन्य विशिष्ट अतिथिगण, सांसदगण, विधायकगण, विधान पार्षदगण, गणमान्य व्यक्ति, राजनीतिक कार्यकर्त्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। शपथ ग्रहण के पश्चात् मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सभी लोगों ने बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी का आभार जताते हुये उन्हें धन्यवाद दिया।
बिहार की राजनीति में आज उस वक्त बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
नई सरकार में राजनीतिक संतुलन साधते हुए जदयू कोटे से विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे साफ संकेत मिलता है कि एनडीए गठबंधन ने सत्ता में साझेदारी को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी ने पटना के में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले ही उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, जो इस राजनीतिक बदलाव की गंभीरता को दर्शाता है।
यह बदलाव उस समय हुआ जब ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद अब वे राज्यसभा सदस्य के रूप में सक्रिय रहेंगे।
56 वर्षीय सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1990 के दशक में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की। 1999 में वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने। इसके बाद वे जदयू में शामिल हुए और नीतीश कुमार के साथ काम किया। 2014 में मांझी सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे। 2017 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा—प्रदेश उपाध्यक्ष, पंचायती राज मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और फिर डिप्टी सीएम व गृह मंत्री की जिम्मेदारियां संभालते हुए अब वे मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं।
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इसके बाद वे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं, वहीं मुख्यमंत्री ने भी सभी का आभार व्यक्त किया।
अब नए मुख्यमंत्री के सामने बिहार में विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती है।



