दिशा की बैठक में सांसद रूडी ने विकास योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, 450 करोड़ की परियोजनाओं की होगी नियमित निगरानी
छपरा, 03 नवंबर। सारण जिले के विकास को नई गति देने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। सांसद राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क-पुल निर्माण, बिजली, पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, भू-अर्जन, पुलिस प्रशासन और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से चल रही विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया।
शहर से बाहर बनेगा आधुनिक समाहरणालय परिसर
बैठक का महत्वपूर्ण निर्णय छपरा में नए जिला समाहरणालय परिसर के निर्माण से जुड़ा रहा। सांसद राजीव प्रताप रूडी ने शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके से बाहर, लेकिन शहर के निकट एक भव्य एवं सुव्यवस्थित समाहरणालय परिसर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। सभी जनप्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से सहमति जताई। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने 15 दिनों के भीतर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का आश्वासन दिया।
450 करोड़ की योजनाओं की होगी निगरानी, लापरवाही पर कार्रवाई
सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान शहर के रिंग रोड, रिविलगंज बाईपास, राम-जानकी मार्ग, गरखा-परसा-अमनौर बाईपास तथा मसरख-मढ़ौरा-तरैया बाईपास सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। सांसद ने आवश्यक स्थलों पर पुल निर्माण के लिए तकनीकी एवं वित्तीय आकलन के बाद डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आगामी दिशा बैठकों में प्रत्येक परियोजना की लागत, कार्य आवंटन, संवेदक, निर्धारित समय-सीमा और भौतिक प्रगति का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया जाए। समय पर काम पूरा नहीं करने वाली निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
डबल डेकर, नमामि गंगे, खनुआ नाला और स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
सरकारी राशि के गबन पर प्राथमिकी का निर्देश
पंचायती राज विभाग की समीक्षा में 15वें एवं अन्य वित्त आयोग की राशि के विरुद्ध करीब 50 प्रतिशत व्यय की जानकारी सामने आई। सांसद ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि के गबन एवं दुरुपयोग के मामलों में केवल विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए। जिले में 193 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता की जांच और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की टीम गठित कर जमीनी स्तर पर जांच कराने का सुझाव भी दिया गया।
बिजली के अंडरग्राउंड केबलिंग और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए छपरा शहर की बिजली खपत का आकलन करने और ट्रांसफॉर्मरवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया। ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ पटना की तर्ज पर सारण में भी अंडरग्राउंड विद्युत केबलिंग की संभावना तलाशने को कहा गया। बिजली राजस्व संग्रह और अनधिकृत कनेक्शनों की स्थिति की भी समीक्षा हुई।
सड़क सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा भारी वाहनों से सड़कों को होने वाले नुकसान पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत बताई गई। सड़कों पर बालू-मिट्टी बिखरे रहने और खराब सड़कों के रखरखाव का मुद्दा भी उठा।
सोलर लाइट, खेल मैदान और सुविधायुक्त बस स्टॉप होंगे विकसित
शहरी सुविधाओं के विस्तार के तहत उपयुक्त स्थलों पर सोलर स्ट्रीट लाइट, खेल मैदान और आधुनिक बस स्टॉप विकसित करने का निर्देश दिया गया। बस स्टॉप पर पार्किंग, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
24,825 पेड़ों की जियो टैगिंग, 9,951 घरों तक पहुंचेगा नल का जल
वन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के आठ अधिसूचित स्थलों पर 24,825 पौधों की जियो टैगिंग की गई है। सांसद ने मनरेगा, ग्रामीण कार्य विभाग, जिला परिषद एवं अन्य विभागों द्वारा सड़क, नहर और सार्वजनिक स्थलों के किनारे लगाए गए पेड़ों की भी जियो टैगिंग एवं रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया। सड़क चौड़ीकरण में पेड़ों की कटाई न्यूनतम रखने और पौधरोपण के दौरान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर बल दिया गया।
वहीं, हर घर नल का जल योजना के दूसरे चरण में 9,951 घरों को कनेक्शन उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित एजेंसी को दिया गया।
शिक्षा में अनियमितता पर कार्रवाई, साइबर अपराध पर नियंत्रण के निर्देश
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर सांसद ने गंभीर चिंता जताई और दोषी कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए निजी भवनों में संचालित केंद्रों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पुलिस प्रशासन की समीक्षा में साइबर एवं संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, पीसीआर वाहनों को ऑनलाइन रखने, महिला पुलिसकर्मियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक थाने में अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
भू-अर्जन के लिए पूर्णकालिक पदाधिकारी की जरूरत
विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता, लंबित मुआवजा भुगतान और भू-अर्जन से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की गई। भू-अर्जन कार्य के लिए पूर्णकालिक पदाधिकारी की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। भू-अर्जन से संबंधित शिविरों की सूचना सभी जनप्रतिनिधियों को देने का भी निर्णय लिया गया।
निर्माण परियोजनाओं में विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए यूटिलिटी व्हाट्सएप ग्रुप से दिशा समिति के सभी सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों को जोड़ने तथा जिला पदाधिकारी द्वारा तैयार पब्लिक पोर्टल का एक्सेस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सोनपुर स्थित विशेश्वर सेमिनरी के जर्जर भवन और एनजीटी में लंबित सात मामलों सहित अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि जिले के विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करें। उन्होंने जिला पदाधिकारी को बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के लिए शीघ्र अगली बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार, उप विकास आयुक्त, विधान पार्षद, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।



