छपरा (सारण)। बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक आम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने जीत हासिल की है।
सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय डॉ 0 राहुल राज ने आयुक्त सारण प्रमंडल सह निर्वाची पदाधिकारी मनीष कुमार के हाथों जीत का प्रमाण पत्र हासिल किया। इस मौके पर बातौर पर्यवेक्षक पूर्व जिलाधिकारी सारण दीपक आनन्द, ए आर ओ सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
जनसंपर्क विभाग से प्राप्त सूचनानुसार कल हुए मतगणना में डॉ0 राहुल राज को निर्धारित कोटा 4600 की जगह 4965 मत प्राप्त हुए और वो निकटतम प्रत्याशी एनडीए समर्थित आनन्द पुष्कर को हराकर विजय श्री प्राप्त किए, तीसरे स्थान पर जनसुराज के निवर्तमान विधान पार्षद अफाक अहमद रहे। उनकी जीत के साथ ही सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी मुकाबले का परिणाम सामने आ गया है। इस चुनाव में राहुल राज की जीत को शिक्षक समुदाय के बीच उनके समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई थी। इस चुनाव में सारण प्रमंडल सहित पांच जिलों के शिक्षक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव में कुल 18 प्रत्याशी मैदान में थे। प्रमुख प्रत्याशियों में निर्दलीय डॉ. राहुल राज, जदयू समर्थित आनंद पुष्कर, जनसुराज समर्थित आफाक अहमद और राजद प्रत्याशी जयराम यादव शामिल थे।
जीत के बाद नवनिर्वाचित विधान पार्षद डॉ0 राहुल राज ने न्यूज़ फैक्ट से बात की
शिक्षक हितों को लेकर चर्चा में रहे राहुल राज
चुनाव प्रचार के दौरान डॉ. राहुल राज ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने शिक्षकों के वेतन, पेंशन तथा अन्य सेवा संबंधी मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाने की बात कही थी। उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए आवाज बुलंद करने का भरोसा भी दिलाया था।
पांच जिलों के शिक्षक मतदाताओं ने किया मतदान
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिले आते हैं। इन पांचों जिलों के शिक्षक मतदाताओं की भूमिका इस चुनाव में अहम रही। चुनाव परिणाम को लेकर शिक्षकों, प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई थी।
राहुल राज की जीत के बाद अब शिक्षक समुदाय की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि चुनाव प्रचार के दौरान उठाए गए मुद्दों को वे विधान परिषद में किस तरह आगे बढ़ाते हैं और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या पहल करते हैं।



