बाल भवन किलकारी में जिला स्तरीय कला उत्सव-2026 का आयोजन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुने जाएंगे उत्कृष्ट प्रतिभागी
छपरा, 03 नवंबर। बाल भवन किलकारी, छपरा मंगलवार को कला, संस्कृति और रचनात्मकता के रंगों से सराबोर रहा। मौका था बिहार शिक्षा परियोजना, सारण के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय कला उत्सव-2026 का। जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा, मौलिक सोच और शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों का उत्साह, आत्मविश्वास और कला के प्रति समर्पण देखते ही बना।
शिक्षा विभाग, सारण के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी के दिशा-निर्देश में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और विद्यालयी शिक्षा में कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, सामाजिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक पेश की।
कला के माध्यम से दिखी बच्चों की सृजनात्मक उड़ान
बाल भवन किलकारी का परिसर दिनभर कलात्मक गतिविधियों और रचनात्मक ऊर्जा से गुलजार रहा। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी कला विधाओं में हुनर का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में कल्पनाशीलता, मौलिकता, कलात्मक कौशल और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। बच्चों ने साबित किया कि प्रतिभा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि कला और संस्कृति के विविध रूपों में भी अपनी अभिव्यक्ति तलाशती है।
राज्य स्तरीय मंच तक पहुंचेगी सारण की प्रतिभा
प्रतियोगिता की विभिन्न विधाओं में प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल ने निर्धारित मानकों के आधार पर किया। इसमें प्रतिभागियों की प्रस्तुति, विषयवस्तु, मौलिकता, रचनात्मकता और कलात्मक कौशल को प्रमुखता दी गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय कला उत्सव के लिए किया जाएगा, जहां उन्हें सारण जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार, कला उत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित होने के साथ भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान भी बढ़ता है।
आयोजन की सफलता में बिहार शिक्षा परियोजना, सारण के पदाधिकारियों एवं कर्मियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, कला प्रशिक्षकों और निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतिभागी बच्चों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
जिला स्तरीय कला उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हर बच्चे के भीतर कोई न कोई हुनर छिपा होता है। जरूरत है तो बस उसे पहचानने, निखारने और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने की।



