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नाव पर ओवरलोडिंग की तो खैर नहीं, DM-SP का अल्टीमेटम, 48 घंटे में दुरुस्त करें सुरक्षा व्यवस

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने नौका परिचालन में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दो दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने या सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों के प्रति सख्ती की जाएगी।

छपरा, 15 अक्टूबर। सारण में नौका दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने नौका परिचालन में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दो दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने या सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों के प्रति सख्ती की जाएगी।

जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ), अंचलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों को नौका परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को सभी घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

हर छोटी-बड़ी नौका का निबंधन अनिवार्य

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि छोटी हो या बड़ी, प्रत्येक नौका का निबंधन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सभी नौकाओं पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, रस्सी, ट्यूब सहित अन्य आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रहने चाहिए। नौका पर उसकी निर्धारित यात्री क्षमता स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

घाटों पर तैनात होंगे कर्मी, अधिकारी करेंगे निरीक्षण

सभी एसडीओ को संबंधित घाटों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने और नौका परिचालन से जुड़े व्यक्तियों एवं अधिकारियों की सूची तैयार रखने का निर्देश दिया गया। प्रतिनियुक्त कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय तथा निर्देशों के अनुपालन की नियमित निगरानी के लिए आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को भी कहा गया। एसडीओ और एसडीपीओ स्वयं घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे।

लाल रंग से चिह्नित होंगे खतरे के निशान

नौका परिचालन के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप घाटों पर खतरे के निशान को लाल रंग से स्पष्ट रूप से अंकित कराने का निर्देश दिया गया। नौका का जलस्तर से ऊपर दिखाई देने वाला भाग, निर्धारित यात्री क्षमता और अन्य आवश्यक सुरक्षा संकेत भी स्पष्ट रूप से चिह्नित किए जाएंगे। संबंधित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आवश्यक निषेधाज्ञा लागू करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

निबंधन और नवीनीकरण में तेजी लाने का निर्देश

सभी थाना प्रभारियों एवं अंचलाधिकारियों को घाटों पर तैनात कर्मियों की नियमित जांच करने और उनके दायित्वों के निर्वहन की निगरानी करने को कहा गया। जिला परिवहन पदाधिकारी को नौकाओं के निबंधन एवं नवीनीकरण की लंबित प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नौका मालिकों के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए सभी अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र के घाटों तथा नौका परिचालन से संबंधित सूची जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।

जिलाधिकारी ने सभी निर्देशों का दो दिनों के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि नौका परिचालन में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

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