HomeBiharChapraसारण तटबंध पर प्रशासन की पैनी नजर, रिसाव स्थलों की युद्धस्तर पर...

सारण तटबंध पर प्रशासन की पैनी नजर, रिसाव स्थलों की युद्धस्तर पर मरम्मत, डीएम-एसएसपी ने किया तटबंधों का निरीक्षण, NDRF ने नाव से सैकड़ों प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने रिसाव वाले स्थानों को युद्धस्तर पर बंद करने और सभी जरूरी मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

छपरा, 30 सितंबर। सारण में बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने तटबंधों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों की सुरक्षित निकासी को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बुधवार को सारण तटबंध के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का स्थल निरीक्षण कर रिसाव और मरम्मत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

डीएम और एसएसपी ने अमनौर के परशुरामपुर, परशुरामपुर कुंवारी एवं धर्मपुर जाफर कुंवारी में तटबंध पर बने रिसाव स्थलों का निरीक्षण किया। वहीं तरैया के आकुचक में संपर्क पथ, पानापुर के कौंध में रिंग बांध तथा सलेमपुर में मुख्य बांध की मरम्मत कार्यों की प्रगति भी देखी। गोपालगंज सीमा के समीप तटबंध पर स्थित रिसाव स्थलों का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया।

मौके पर मौजूद बाढ़ प्रमंडल के अभियंताओं एवं संबंधित पदाधिकारियों को जिलाधिकारी ने रिसाव वाले स्थानों को युद्धस्तर पर बंद करने और सभी जरूरी मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

NDRF ने संभाला मोर्चा, नाव से सुरक्षित निकाले गए लोग

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान भी तेज कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान तरैया, अमनौर एवं मकेर प्रखंड में तटबंध और नदी के बीच बसे अंदरूनी क्षेत्रों में फंसे लोगों को NDRF की सहायता से नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

सामुदायिक किचेन से लेकर पॉलीथिन शीट तक, राहत व्यवस्था पर जोर

डीएम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। प्रभावित परिवारों के बीच पर्याप्त पॉलीथिन शीट वितरित करने, शरणस्थली स्थलों पर मवेशियों के लिए त्रिपाल एवं आवश्यक व्यवस्था करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचेन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ अथवा तटबंध से जुड़ी किसी भी सूचना पर प्रशासन तत्काल संज्ञान ले और मौके पर आवश्यक कार्रवाई करे। लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए बचाव, राहत एवं तटबंध सुरक्षा—तीनों मोर्चों पर लगातार निगरानी रखी जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments