छपरा, 06 अगस्त। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), सारण के कार्यालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, डालसा सारण श्री पुनीत कुमार गर्ग के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं, आत्मीयता और कृतज्ञता का अनुपम संगम बन गया। न्यायिक परिवार, अधिवक्ताओं और कर्मियों ने उन्हें अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ कीं।
समारोह का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री गर्ग द्वारा वरिष्ठ पत्रकार, रंगकर्मी एवं रिटेनर अधिवक्ता डॉ० अमित रंजन के सद्यः प्रकाशित ग़ज़ल, कविता एवं गीत संग्रह ‘मौसिकी: अहसासों का आसमान’ के ई-बुक संस्करण के लोकार्पण से हुआ। इस अवसर पर उन्होंने साहित्य और संवेदनाओं के इस रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए लेखक को शुभकामनाएँ दीं।
अपने उद्बोधन में श्री पुनीत कुमार गर्ग ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए डालसा सारण के सचिव, लैड्स, रिटेनर अधिवक्ताओं, पैनल अधिवक्ताओं तथा समस्त कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक समर्पण, पारदर्शिता और टीम भावना के कारण ही डालसा सारण ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित कीं।
समारोह में जिला जज सह अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, जिला जज सह अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, विशेष न्यायाधीश (एक्साइज), मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सहित न्यायिक पदाधिकारियों ने श्री गर्ग के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता, न्यायिक प्रतिबद्धता तथा न्यायालयों के विकासात्मक कायाकल्प की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में न्यायिक व्यवस्था को नई ऊर्जा, अनुशासन और मानवीय संवेदनशीलता मिली तथा उन्होंने एक ऐसे प्रशासक की पहचान बनाई, जिनकी कार्यशैली लंबे समय तक प्रेरणा देती रहेगी।
समारोह को भावपूर्ण बना दिया डालसा सारण के सचिव राजीव कुमार तथा रिटेनर अधिवक्ता डॉ० अमित रंजन ने, जिन्होंने अपनी ग़ज़लों के माध्यम से श्री गर्ग के व्यक्तित्व, उनकी सादगी, संवेदनशीलता और न्याय के प्रति समर्पण को शब्दों में पिरोया। उपस्थित जनों ने इन प्रस्तुतियों को भाव-विभोर होकर सुना।
इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत, न्यायिक पदाधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों ने भी अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि श्री पुनीत कुमार गर्ग ने एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सारण की न्यायिक व्यवस्था पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।
समारोह के अंत में वातावरण भावुक हो उठा। विदाई की बेला में अनेक आँखें नम थीं। न्यायिक परिवार के प्रत्येक सदस्य ने हरदिलअज़ीज़ श्री पुनीत कुमार गर्ग को पुष्पगुच्छ एवं शुभकामनाओं के साथ सम्मानपूर्वक विदा करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं यशस्वी भविष्य की कामना की। यह विदाई केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसे लोकप्रिय, कर्मनिष्ठ और संवेदनशील न्यायाधीश के प्रति पूरे न्यायिक परिवार के स्नेह, सम्मान और आत्मीयता की अविस्मरणीय अभिव्यक्ति बन गई।



