भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में उन्मुखीकरण कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा से लेकर सिविल सेवा, पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारी तक हर सवाल का मिला जवाब
छपरा, 28 जुलाई 2026। युवाओं को बेहतर भविष्य की दिशा देने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सोमवार को भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह, छपरा में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव सहित जिले के कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर उनके शैक्षणिक, कैरियर, मानसिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण क्विज प्रतियोगिता से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके बाद अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को सफलता के व्यावहारिक सूत्र बताए।
डीएसपी साइबर ने साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अपराधी किस तरह फर्जी योजनाओं और प्रलोभनों के जरिए लोगों को जाल में फंसाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय भी बताए।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरक हिस्सा अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच खुला संवाद रहा। छात्रों ने पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, भविष्य को लेकर असमंजस, कैरियर चयन और उचित मार्गदर्शन जैसे विषयों पर बेझिझक सवाल पूछे।
वैभव श्रीवास्तव, डीएम, सारण
जिला पदाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें, अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहें और अनावश्यक विचलनों से बचें। उन्होंने पढ़ाई को छोटे-छोटे समय खंडों में विभाजित कर एक समय में एक विषय पर पूरा ध्यान देने की आदत विकसित करने की बात कही।
सिविल सेवा की तैयारी से जुड़े एक प्रश्न पर उन्होंने 11वीं की छात्रा को फिलहाल अपनी वर्तमान पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि अच्छे कॉलेज में प्रवेश के बाद सही मार्गदर्शन के साथ तैयारी अधिक प्रभावी होती है।
डीएम ने विद्यार्थियों को अच्छी पुस्तकें पढ़ने, रटने के बजाय विषयों को समझने, नियमित रिवीजन करने और शॉर्ट नोट्स तैयार करने की आदत अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बेहतर समझ ही प्रभावी संप्रेषण क्षमता और आत्मविश्वास का आधार बनती है।
युवाओं को कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने, नई चुनौतियों को स्वीकार करने, सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने और समय का सदुपयोग करने का संदेश देते हुए उन्होंने हाल के बिहार बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में असामाजिक तत्व उपद्रव करें तो वहां से तुरंत हट जाना चाहिए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अभिभावकों या प्रशासन को देनी चाहिए।
अपने प्रेरक संबोधन के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा, “जीवन में बड़ा करियर बनाना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि आप एक जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनें। सही और गलत का विवेकपूर्ण चयन ही वास्तविक सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।”
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अधिकारियों के साथ खुले संवाद को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें अपने भविष्य के प्रति अधिक स्पष्ट, जागरूक और आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा देते हैं।



