HomeBiharChapraअनुशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी : दीपक कुमार सिंह

अनुशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी : दीपक कुमार सिंह

सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के महानिदेशक सह मुख्य जाँच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित नियमावली तथा प्रक्रियात्मक बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी सेवकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया विधिसम्मत, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों का प्रशिक्षित एवं प्रक्रियाओं से भली-भांति अवगत होना जरूरी है।

छपरा, 27 मई 2026। सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के तत्वावधान में सरकारी सेवकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई संचालित किए जाने से संबंधित प्रमंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को समाहरणालय सभागार, छपरा में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के महानिदेशक सह मुख्य जाँच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने की।

अपने संबोधन में दीपक कुमार सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित नियमावली तथा प्रक्रियात्मक बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी सेवकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया विधिसम्मत, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों का प्रशिक्षित एवं प्रक्रियाओं से भली-भांति अवगत होना जरूरी है।

जिलाधिकारी सारण वैभव श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए निदेशालय की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े मामलों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन में अत्यंत उपयोगी एवं सार्थक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ेगी।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशिक्षक एवं अवर सचिव सतीश कुमार तिवारी द्वारा बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली, 2005 तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली आदि के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में अनुशासनिक कार्रवाई की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में चरणबद्ध जानकारी दी गई। अनुशासनिक प्राधिकार, संचालन पदाधिकारी एवं उपस्थापन पदाधिकारी के दायित्वों एवं कर्तव्यों को विस्तार से समझाया गया। प्रत्येक चरण में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के संबंध में स्पष्ट एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस दौरान आरोप पत्र गठन, संचालन, आरोप सिद्धि, दंड अधिरोपण, साक्ष्यों के आधार पर आरोपों के प्रमाणीकरण तथा गवाहों के परीक्षण जैसी प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पूरे प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ प्रश्नोत्तरी एवं द्विपक्षीय संवाद के माध्यम से प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण बनाया गया।

कार्यक्रम में संयुक्त सचिव मुख्य जाँच आयुक्त निदेशालय अमरेश कुमार अमर, आयुक्त के सचिव डॉ० संजय कुमार, संयुक्त सचिव विभागीय जाँच सारण प्रमंडल अनिल कुमार राय, अवर सचिव शालिग्राम पाण्डेय सहित सारण प्रमंडल के तीनों जिलों के अपर समाहर्त्ता विभागीय जाँच, अन्य संबंधित पदाधिकारीगण एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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