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जनगणना पर चर्चा, सब भरें अपना पर्चा, अब हर नागरिक की जिम्मेदारी : प्रधान सचिव

प्रधान सचिव ने अपील की कि हर व्यक्ति कम से कम 10 लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि समय का इंतजार न करें, शुरुआत में ही अपनी गणना पूरी करें और दूसरों की भी मदद करें।

बीती रात 12 बजे से शुरू हो गई डिजिटल जनगणना महाअभियान, खुद भरें अपना पर्चा – कोई न छूटे!

छपरा | विशेष रिपोर्ट

देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना के साथ स्वगणना की शुरुआत होने जा रही है। बीती रात 12 बजे से इस महाअभियान का आगाज हो गया, जिसमें आम नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे।

राज्य समन्वयक सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने छपरा के समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि यह सिर्फ जनगणना नहीं, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने वाला अभियान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा—“जनगणना का मूल मंत्र है, कोई व्यक्ति छूटे नहीं।”

उन्होंने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी और हर नागरिक को “स्वगणना” का मौका दिया गया है। बस एक एंड्रॉयड मोबाइल के जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। लॉगिन के लिए ओटीपी आएगा, फिर भाषा चयन और नक्शे पर अपने घर को चिन्हित करने के बाद 33 आसान सवालों के जवाब देकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

‘इच वन, टीच टेन’ का मंत्र

प्रधान सचिव ने अपील की कि हर व्यक्ति कम से कम 10 लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि समय का इंतजार न करें, शुरुआत में ही अपनी गणना पूरी करें और दूसरों की भी मदद करें।

एक मई तक मिलेगा मौका

स्वगणना के लिए बिहार में एक मई तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद दो मई से वास्तविक मकान गणना का कार्य शुरू होगा।

शहरी क्षेत्रों पर खास फोकस

अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि खासकर शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्वगणना सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति छूट न जाए।

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में जनगणना को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसे त्रुटिरहित व समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा।

समाज की भागीदारी जरूरी

बैठक में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में यह स्पष्ट किया गया कि इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है।

कुल मिलाकर, यह जनगणना सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की योजनाओं और विकास की दिशा तय करने का आधार बनेगी। इसलिए—“जनगणना पर चर्चा, सब भरें अपना पर्चा” अब हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

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