पटना, 28 फरवरी 2026। बिहार में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। शनिवार को पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में आयोजित भव्य समारोह में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत राज्य भर की 14-15 वर्ष आयु वर्ग की करीब 13 लाख 15 हजार किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से बचाव का टीका लगाया जाएगा।
‘सर्वाइकल कैंसर मुक्त बिहार’ की ओर कदम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जोर देकर कहा कि महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष देश भर में इस बीमारी के कारण 78 हजार से अधिक मौतें हुईं, जिसे रोकना समाज और सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षित करने के लिए यह ‘सुरक्षा कवच’ (टीका) दिया जा रहा है।
3 महीने का अभियान, प्रखंड स्तर तक वैक्सीन उपलब्ध
यह टीकाकरण अभियान आगामी तीन महीने तक युद्धस्तर पर चलाया जाएगा। बिहार को भारत सरकार से वैक्सीन की 6.5 लाख डोज प्राप्त हो चुकी हैं, जिन्हें सभी जिलों में भेजा जा रहा है।
टीकाकरण केंद्र: वैक्सीन जिला अस्पतालों से लेकर प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) तक उपलब्ध होगी।
स्कूलों में विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूलों में टीकाकरण विशेष रूप से चलाया जाएगा।
* टीकाकरण का तरीका: 9-14 साल की बच्चियों को टीका का पहला डोज और छह महीने के अंतराल पर दूसरा डोज दिया जाएगा। जो किशोरियां पहले डोज के बाद दूसरा डोज लेने से रह गई थीं, उन्हें भी इस अभियान में कवर किया जाएगा।
ऐतिहासिक क्षण का लाइव प्रसारण
आईजीआईएमस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान, राजस्थान के अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के शुभारंभ का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें बिहार ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।



