पटना 2 जुलाई 2026। बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि “Triple T (Transparency, Technology and Trust)” के माध्यम से बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाएगा और सुशासन को नई मजबूती मिलेगी।
सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर स्थित ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नए लोगो का अनावरण किया तथा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की—
– राज्य के सभी 9 प्रमंडलों में स्पेशल विजिलेंस कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
– हर जिले में निगरानी थाना तथा सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी खोली जाएगी।
– अपराध एवं आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को परिवहन भत्ता दिया जाएगा।
– भ्रष्टाचारियों की जब्त संपत्तियों में विद्यालय संचालित किए जाएंगे।
– भ्रष्टाचार में शामिल मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी जांच
मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को आधुनिक तकनीक एवं विशेषज्ञों की सहायता से अपनी कार्यप्रणाली को और सशक्त बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जांच एजेंसियां इतनी सक्षम बनें कि आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियां भी उनके सहयोग की अपेक्षा करें।
“अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ”
मुख्यमंत्री ने कहा कि “न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा को सुशासन की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने विद्यालयों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाने की भी घोषणा की, ताकि बच्चों में प्रारंभ से ही नैतिक मूल्यों का विकास किया जा सके।
अधिकारियों ने ली सतर्कता शपथ
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार सहित कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने ईमानदारी, पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने की सतर्कता शपथ ली।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी प्रमंडलों एवं जिलों के आयुक्त, पुलिस पदाधिकारी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी कार्यक्रम से जुड़े।
मुख्यमंत्री का संदेश:
“Transparency, Technology and Trust यानी Triple T ही भ्रष्टाचार मुक्त बिहार और सशक्त सुशासन की सबसे मजबूत आधारशिला बनेगा।”



