डीएम वैभव श्रीवास्तव ने दस्तावेज नवीसों व स्टाम्प विक्रेताओं के साथ की बैठक, 29 अगस्त से तीन दिवसीय प्रशिक्षण का निर्देश
छपरा, 27 अगस्त 2026। सारण जिले में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को प्रभावी एवं सहज बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसको लेकर जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को दस्तावेज नवीसों एवं स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं के साथ बैठक कर नई व्यवस्था की चुनौतियों, आशंकाओं और व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में दस्तावेज नवीसों और स्टाम्प विक्रेताओं ने नई व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां एवं आशंकाएं रखीं। डीएम ने सभी की बातें गंभीरता से सुनीं और संबंधित शंकाओं का समाधान करते हुए कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री का उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, त्वरित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बदलाव में दस्तावेज नवीसों एवं स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
मोबाइल से भी आसान होगा काम
डीएम ने कहा कि नई व्यवस्था में तकनीकी बदलाव के कारण शुरुआती दौर में आशंकाएं स्वाभाविक हैं। इसलिए संबंधित लोगों को पर्याप्त प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक न होकर पूरी तरह व्यावहारिक और हैंड्स-ऑन हो, ताकि दस्तावेज नवीस एवं स्टाम्प विक्रेता मोबाइल के माध्यम से भी आवश्यक कार्य आसानी से कर सकें और कंप्यूटर पर निर्भरता कम हो।
उन्होंने जिला अवर निबंधन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 29 अगस्त 2026 से लगातार तीन दिनों तक जिला मुख्यालय से संबंधित विभिन्न विद्यालयों में विद्यालय अवधि से पूर्व अथवा बाद में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनुमति एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
लाइसेंस के लिए तीन दिवसीय विशेष शिविर
बैठक में डीएम ने दस्तावेज नवीसों के लाइसेंस निर्गत करने को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने जिला अवर निबंधन पदाधिकारी को रजिस्ट्री कार्यालय में तीन दिनों का विशेष शिविर आयोजित कर लंबित लाइसेंस संबंधी कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
निबंधन बढ़ा तो दस्तावेज नवीसों को भी होगा सीधा लाभ
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने दस्तावेज नवीसों एवं स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं से नई व्यवस्था में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री से निबंधन में लगने वाला समय कम होगा और कम समय में अधिक कार्य संपादित किया जा सकेगा। इससे निबंधन की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ दस्तावेज नवीसों और स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं को भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सारण जिले में भूमि एवं संपत्ति के निबंधन की व्यापक संभावनाएं हैं। जिले में लगभग 16 लाख पुरानी जमाबंदियां हैं, जबकि नई जमाबंदियों की संख्या भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में भूमि एवं संपत्ति से जुड़े निबंधन के क्षेत्र में जिले में काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
डीएम ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था के माध्यम से यदि कम समय में अधिक निबंधन संभव होता है तो इससे निबंधन की संख्या में वृद्धि होगी और इसका लाभ सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों तथा निबंधन कार्य से जुड़े सभी हितधारकों को मिलेगा।
सहयोग और समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि दस्तावेज नवीसों एवं स्टाम्प मुद्रांक विक्रेताओं की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए आवश्यक समन्वय, मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी, त्वरित और सुगम निबंधन सेवा उपलब्ध कराना है तथा नई व्यवस्था में सभी हितधारकों के हितों का समुचित ध्यान रखा जाएगा।



