छपरा, 05 जून 2026: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के तहत “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” संकल्प को साकार करने की दिशा में सारण जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के उन सभी नौ प्रखंडों में, जहां अब तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं था, आगामी 1 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेजों में नामांकन एवं कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।
इन प्रखंडों में तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर शामिल हैं। प्रारंभिक चरण में चिह्नित सरकारी भवनों में तात्कालिक व्यवस्था के तहत कॉलेजों का संचालन किया जाएगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
तीन प्राचार्यों ने दिया योगदान, शेष की प्रक्रिया जारी
नए डिग्री कॉलेजों के संचालन के लिए जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा द्वारा प्राचार्यों का नामांकन कर दिया गया है। इनमें से तीन नव-नामित प्राचार्य अपना योगदान दे चुके हैं, जबकि अन्य प्राचार्यों के योगदान की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
20 जून तक भवन तैयार, 25 जून तक फर्नीचर की व्यवस्था का निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने भवनों की मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं की तैयारी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) और भवन निर्माण प्रमंडल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी चयनित भवनों में मरम्मत, रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था, शुद्ध पेयजल तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था 20 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाए।
इसके साथ ही कॉलेजों के लिए आवश्यक बेंच-डेस्क, टेबल, कुर्सियां, अलमारी, बुक शेल्फ और अन्य जरूरी सामग्रियों की खरीद एवं आपूर्ति 25 जून तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा और स्वच्छता पर भी विशेष जोर
कॉलेज परिसरों में नियमित साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मियों की तैनाती तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति का भी प्रावधान किया जा रहा है।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन एवं भवन निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला लेखा पदाधिकारी, वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त, नजारत उप समाहर्ता, नव-नियुक्त प्राचार्यगण तथा शिक्षा एवं निर्माण विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
यह पहल सारण के हजारों ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेगी और उन्हें अपने ही प्रखंड में स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराएगी।



