छपरा, 28 फरवरी 2026: सारण पुलिस अब मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों पर नकेल कसने के लिए अपनी नई पौध को तैयार कर रही है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), सारण के निर्देशन में आज पुलिस केंद्र में प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए एक विशेष इनडोर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवा पुलिसकर्मियों को मानव तस्करी (Human Trafficking) की जटिलताओं को समझने और उससे निपटने के लिए कानूनी व व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाना है।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
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- अपराध की पहचान: एएचटीयू (Anti Human Trafficking Unit) प्रभारी द्वारा सिपाहियों को बताया गया कि कैसे संदिग्ध गतिविधियों और तस्करी के जालों की पहचान की जाए।
- विधिक जानकारी: सत्र के दौरान मानव तस्करी से संबंधित सख्त कानूनों और धाराओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
- पीड़ितों का संरक्षण: पुलिस को यह सिखाया गया कि बचाव अभियान के दौरान पीड़ितों के साथ संवेदनशीलता से कैसे पेश आएं और उनके पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाएं।
- एजेंसी समन्वय: अनुसंधान के दौरान विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के गुर सिखाए गए।
”मानव तस्करी एक जघन्य अपराध है। हमारी प्राथमिकता न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना है, बल्कि पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। इस प्रशिक्षण से हमारे सिपाही क्षेत्र में अधिक निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर सकेंगे।”
— वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण
मिशन ‘आवाज दो’ को मिलेगी मजबूती
हाल ही में सारण पुलिस द्वारा आर्केस्ट्रा संचालकों के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के बाद, इस तरह का प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशिक्षु सिपाहियों को तैयार करने से जिले में चल रहे ‘आवाज दो’ अभियान को और अधिक मजबूती मिलेगी



