छपरा 16 अप्रैल 2026: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में जिले से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों—स्व-गणना अभियान, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और एलपीजी गैस की उपलब्धता—पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान सबसे अधिक जोर भारत की डिजिटल जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना को सफल बनाने पर दिया गया।
स्व-गणना (Self Enumeration): क्या, क्यों और कैसे?
जिलाधिकारी ने बताया कि 17 अप्रैल से 1 मई तक बिहार में स्व-गणना अभियान चलाया जाएगा। यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना का हिस्सा है, जिसमें नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर दिया गया है।
क्या है स्व-गणना?
स्व-गणना एक स्वैच्छिक सुविधा है, जिसके माध्यम से नागरिक गणनाकर्मी (Enumerator) के घर आने का इंतजार किए बिना, खुद ही अपने परिवार और आवास से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनती है।
स्व-गणना क्यों करें?
समय की बचत
अपनी जानकारी खुद दर्ज करने की सुविधा
त्रुटियों की संभावना कम
डिजिटल भारत अभियान को बढ़ावा
स्व-गणना कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया)
पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर लॉग-इन करें।
पंजीकरण करें: अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें, कैप्चा भरें और OTP के जरिए सत्यापन करें।
लोकेशन मार्क करें: पोर्टल पर दिए गए मैप में अपने घर की सटीक स्थिति चिन्हित करें।
विवरण भरें:
मकान की स्थिति (पक्का/कच्चा आदि)
उपलब्ध सुविधाएं (बिजली, पानी, शौचालय)
परिवार के सदस्यों की जानकारी
कुल मिलाकर लगभग 33 प्रश्नों के उत्तर
SE ID प्राप्त करें: जानकारी सबमिट करने के बाद एक Self Enumeration ID (SE ID) जनरेट होगी, जो मोबाइल पर SMS के जरिए भी मिलेगी।
जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और स्व-गणना को जनआंदोलन बनाएं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाने पर सरकार सब्सिडी दे रही है—
1 किलोवाट पर ₹30,000
2 किलोवाट पर ₹60,000
3 किलोवाट पर अधिकतम ₹78,000
3 किलोवाट सिस्टम की लागत लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये होती है, जिसे बिजली बिल में बचत के जरिए करीब 5 वर्षों में वसूल किया जा सकता है।
उपकरणों की आयु लगभग 25 वर्ष होती है और मेंटेनेंस भी मुफ्त मिलता है।
सारण जिले में 49,000 से अधिक उपभोक्ता इस योजना के संभावित लाभार्थी हैं।
एलपीजी गैस और ईंधन की स्थिति
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
आपूर्ति नियंत्रण कक्ष (06152-245023/245026) सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सक्रिय है।
अब तक प्राप्त 937 शिकायतों में से 917 का समाधान किया जा चुका है।
गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ 12 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
जिलाधिकारी की अपील:
स्व-गणना को अपनाएं, जिलाधिकारी की अपील: सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दें और किसी भी समस्या के लिए नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। यह न केवल आपकी सुविधा के लिए है, बल्कि देश के विकास में आपकी भागीदारी भी सुनिश्चित करता है।



