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बिहार के राजस्व प्रशासन में ‘AI क्रांति’: प्रधान सचिव ने अधिकारियों को दिया चैटजीपीटी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का निर्देश

बिहार के राजस्व प्रशासन को हाईटेक, पारदर्शी और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है।

पटना, 28 फरवरी 2026। बिहार के राजस्व प्रशासन को हाईटेक, पारदर्शी और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव, श्री सीके अनिल ने मुंगेर में आयोजित “राजस्व प्रशासन आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए चैटजीपीटी (ChatGPT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स का उपयोग करें।

प्रधान सचिव ने जोर देकर कहा कि तकनीक का समावेश आज के समय की मांग है, जिससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि जनता को मिलने वाली सेवाएं भी तेज और पारदर्शी होंगी।

सर्वे कार्यों में तेजी और दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, एक साल के भीतर भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरा करना अनिवार्य है। इसे हासिल करने के लिए प्रधान सचिव ने दैनिक प्रगति रिपोर्ट (Daily Progress Report) पर जोर दिया है।

नया नियम: अब सर्वे अमीन को अपनी डायरी प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जो पहले साप्ताहिक हुआ करती थी।

“मुंशी प्रथा” पर कड़ा प्रहार

प्रधान सचिव ने राजस्व कार्यालयों में व्याप्त ‘मुंशी और दलालों की प्रथा’ को एक बड़ी सामाजिक बुराई करार दिया। उन्होंने इसे दहेज और सती प्रथा की तरह जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। विभाग इस संबंध में पहले ही सख्त निर्देश जारी कर चुका है।

मुंगेर में राजस्व कार्यों की समीक्षा

बैठक में मुंगेर जिले में राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की गई, जिसके मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

मुंगेर जिले में राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार, भूमि सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके तहत जिले के पांच अंचलों के 306 मौजों में से 108 मौजा का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है और 298 मौजा का ड्राफ्ट प्रकाशन पूरा हो गया है। दाखिल-खारिज की बात करें तो, 1 अप्रैल 2025 से 26 फरवरी 2026 के बीच प्राप्त 19,220 आवेदनों में से 13,196 यानी लगभग 68% मामलों का निष्पादन किया गया है, जबकि ऑनलाइन दाखिल-खारिज के तहत 1,20,051 मामलों में से 1,18,966 यानी 88% मामलों को निपटाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, परिमार्जन प्लस के अंतर्गत पिछले 10 माह में 33,410 आवेदनों में से 27,688 (82%) आवेदनों का निष्पादन हुआ है। वहीं, ई-मापी के 2,406 मामले निष्पादित किए जा चुके हैं और 1,410 लंबित हैं। अभियान बसेरा-2 के तहत जिले में 1,634 भूमि का सर्वेक्षण कर 952 (58.26%) लोगों को भूमि आवंटित की गई है।

प्रधान सचिव ने लंबित मामलों को तत्काल निपटाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस बैठक में विभाग के सचिव श्री जय सिंह सहित भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, चकबंदी निदेशालय और भू-अर्जन निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

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