पटना, 21 मई 2026। मुख्यमंत्री ने संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षा को लेकर गुरुवार को राज्य के सभी जिलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में आगामी मानसून मौसम के दौरान संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि “आपदा नहीं बने विपदा” की सोच के साथ सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें तथा समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक में जानकारी दी गई कि बिहार मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा मौसम एवं वर्षा की संभावित परिस्थितियों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। अनुमान के अनुसार जून एवं जुलाई में सामान्य से कम वर्षापात, अगस्त में सामान्य वर्षा तथा सितंबर में फिर सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।
बैठक के दौरान सभी संबंधित विभागों के सचिव एवं प्रधान सचिवों ने विभागवार तैयारियों की प्रस्तुति दी। बाढ़ प्रबंधन को लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन एवं ड्राई फूड पैकेट, पॉलिथीन शीट, नावों की उपलब्धता, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की तैनाती तथा बाढ़ आश्रय स्थलों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्रियों का भंडारण समय से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी बाढ़ निरोधी कार्यों को 31 मई तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ के दौरान एवं बाद की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाओं, एम्बुलेंस, मेडिकल टीम एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को पेयजल व्यवस्था, चापाकलों की मरम्मत एवं जलस्तर की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए।
पथ निर्माण विभाग द्वारा पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराए जाने तथा सभी पुल-पुलियों के वेंट्स की सफाई 15 जून तक पूर्ण करने की जानकारी दी गई। ऊर्जा विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना की जानकारी दी, जबकि जल संसाधन विभाग ने बाढ़ निरोधी कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। नगर विकास एवं आवास विभाग, डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपनी तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि आपदा से संबंधित सभी सूचनाओं एवं जागरूकता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से किया जाए तथा विस्तृत कम्युनिकेशन प्लान तैयार रखा जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तर पर जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी बैठक से जुड़े रहे।



