छपरा 18 फरवरी 2026। विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आवश्यक वृक्षों के पातन एवं पुनर्स्थापन से जुड़े मामलों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग से संबंधित प्रकरणों में अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी तथा संबंधित कार्यकारी विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्यकारी विभाग अपनी परियोजनाओं के एलाइनमेंट में आने वाले वृक्षों की गणना एवं मार्किंग वन विभाग के प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करें, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं के लिए अधिसूचित वनक्षेत्र की भूमि की आवश्यकता होगी, उसके समतुल्य क्षेत्रफल की भूमि अलग से वन विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके लिए वन विभाग और कार्यकारी एजेंसी की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित एजेंसी परिवेश पोर्टल के माध्यम से अधियाचना प्रस्तुत करेगी।
जिलाधिकारी ने वन विभाग से अनुरोध किया कि अनिवार्य संयुक्त जांच तथा उनकी उपस्थिति में किए जाने वाले कार्यों के लिए परियोजनावार तिथि निर्धारित कर अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से हो सके।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, विभिन्न कार्यकारी विभागों एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि—कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल छपरा/सोनपुर, कार्यपालक अभियंता एनएच डिवीजन, भवन प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल तथा विकास शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।



