छपरा 3 फरवरी 2026। जिलाधिकारी सारण वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को जिले की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से रिविलगंज–बिशुनपुरा बाईपास निर्माण परियोजना का पूरे स्ट्रेच पर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, छपरा तथा रिविलगंज और मांझी के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान घाघरा नदी के वर्षा ऋतु में लगभग तीन माह तक उच्च जलस्तर रहने की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रस्तावित 1200 मीटर एलिवेटेड पथ के अतिरिक्त गौतम ऋषि स्थान के आगे तक कुल 3 किलोमीटर एलिवेटेड पथ निर्माण हेतु विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा जाए, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान आवागमन बाधित न हो।
जिलाधिकारी ने परियोजना के समुचित क्रियान्वयन के लिए पूरे अलाइनमेंट से संबंधित खेसरा पंजी को अद्यतन कर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सके।
इसके बाद जिलाधिकारी ने रिविलगंज बाईपास का भी स्थलीय निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि मार्च माह के अंत तक लगभग 90 प्रतिशत पथ निर्माण कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।
निरीक्षण क्रम में मांझी–दरौली–गुठनी पथ निर्माण परियोजना का भी जायजा लिया गया। इस पथ के लिए बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी कर संवेदक का चयन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को अविलंब भू-अर्जन की कार्रवाई प्रारंभ करने तथा चयनित संवेदक द्वारा तत्काल पथ निर्माण कार्य शुरू कराने का सख्त निर्देश दिया।
प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब सड़क संपर्क मजबूत होगा और वर्षों पुरानी यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी।



