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राजस्व कार्यों में तेज़ी का अल्टीमेटम: ई-केवाईसी से म्यूटेशन तक डीएम वैभव श्रीवास्तव सख़्त

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभुकों की ई-केवाईसी तथा जमाबंदी धारक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश दिया।

छपरा, 05 जनवरी। सारण जिलाधिकारी सारण वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज राजस्व समन्वय समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, जमाबंदी, परिमार्जन, म्यूटेशन एवं भूमि प्रबंधन से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभुकों की ई-केवाईसी तथा जमाबंदी धारक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयक ई-केवाईसी का कार्य करें, जबकि जमाबंदी धारक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संबंधित राजस्व कर्मचारी द्वारा की जाए। दोनों विभागों के कर्मियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रतिदिन प्रगति सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी स्वयं इसकी दैनिक मॉनिटरिंग करेंगे। इस कार्य को गति देने के उद्देश्य से 06 जनवरी से 09 जनवरी तक पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया, जहां ई-केवाईसी एवं फार्मर रजिस्ट्री का कार्य एक साथ किया जाएगा। कृषि विभाग के सभी जिला स्तरीय एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को वरीय प्रभारी बनाकर संबंधित प्रखंडों में कैंप कर प्रगति लाने का निर्देश भी दिया गया।

परिमार्जन प्लस के अंतर्गत जिन मामलों में ऑनलाइन जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उनमें लगभग 78 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। विगत सात दिनों में सभी अंचलों में इस श्रेणी के 707 मामलों का निष्पादन हुआ है। हालांकि कर्मचारी स्तर पर 418 एवं अंचलाधिकारी स्तर पर 250 आवेदन लंबित हैं, जिन्हें अविलंब निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।

डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार से जुड़े 1567 आवेदनों का निष्पादन विगत एक सप्ताह में किया गया है। इस श्रेणी में कर्मचारी स्तर पर 1023 तथा अंचलाधिकारी स्तर पर 307 आवेदन अभी लंबित हैं। विशेष रूप से सोनपुर अंचल में निष्पादन की गति और तेज करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया।

दस्तावेजी त्रुटि के कारण वापस किए गए मामलों में भी त्वरित निर्णय लेकर कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि अनावश्यक विलंब से आम लोगों को परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि परिमार्जन एवं म्यूटेशन के आवेदनों के निष्पादन में शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजस्व से संबंधित विभिन्न पैरामीटर में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 15-15 राजस्व कर्मचारियों को जिला मुख्यालय बुलाकर उनकी विशेष समीक्षा की जाएगी।

दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि विगत सात दिनों में 1340 मामलों का निष्पादन किया गया है। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। विशेष रूप से 75 दिनों से अधिक अवधि से लंबित म्यूटेशन मामलों को अगले सात दिनों के भीतर निपटाने का स्पष्ट आदेश दिया गया।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मंडल कारा छपरा का स्थानांतरण, उप कारा मढ़ौरा, बी-सैप केंद्र, मढ़ौरा अनुमंडल न्यायालय सहित विभिन्न विभागीय परियोजनाओं के निर्माण हेतु अधियाचित भूमि का अविलंब चयन कर प्रस्ताव तैयार करने तथा भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

सभी अंचलों में उपलब्ध सरकारी भूमि की अद्यतन स्थिति के साथ लैंड बैंक की सूची तैयार कर जनवरी माह के अंत तक प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी एवं सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी जुड़े रहे।

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