पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में वर्ष 2026 में सारण जिले के अंतर्गत गंभीर शीर्ष के अपराधों को चिन्हित कर उनके मामलों में माननीय न्यायालय में त्वरित विचारण कराया जा रहा है। इसी क्रम में साक्षियों की समयबद्ध गवाही सुनिश्चित करते हुए मामलों का निष्पादन किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 11 फरवरी 2026 को माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सारण श्री पुनीत कुमार गर्ग द्वारा अमनौर थाना कांड संख्या 172/25 (दिनांक 07.06.2025), धारा 103(1)/109(1)/331(2) BNS (सत्रवाद संख्या 1049/25) में निर्णय सुनाया गया।
माननीय न्यायालय ने इस मामले में दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए कड़ी सजा सुनाई। धारा 103(1) BNS के अंतर्गत अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं 25,000 रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 109(1) BNS के अंतर्गत दोनों अभियुक्तों को छह-छह वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई, जबकि अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास निर्धारित किया गया। इसके अतिरिक्त धारा 331(2) BNS के अंतर्गत अभियुक्त रामबाबू कुमार को दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई।
उक्त मामले में अभियुक्त रामबाबू कुमार, पिता नथुनी महतो, निवासी खास पटी, थाना अमनौर, जिला सारण तथा अभियुक्त अनिता कुमारी, पिता स्वर्गीय मोतीलाल महतो, निवासी खास पटी, थाना अमनौर, जिला सारण को दोषसिद्ध ठहराया गया।
उक्त कांड में अनुसंधानकर्ता द्वारा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पूर्ण कर मामले को माननीय न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 साक्षियों की गवाही कराई गई। इस मामले में लोक अभियोजक श्री सर्वजीत ओझा द्वारा प्रभावी ढंग से अभियोजन पक्ष रखा गया।
सारण पुलिस ने बताया कि गंभीर कांडों के मामलों में आगे भी लक्ष्य निर्धारित कर माननीय न्यायालय में त्वरित विचारण सुनिश्चित कराया जाएगा तथा दोषी अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।



