पटना सिटी। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 78वीं शहादत दिवस के अवसर पर इप्टा, पटना सिटी, सांप्रदायिक सद्भाव समन्वय समिति एवं शहीद स्मारक न्यास के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। स्थानीय मंगल तालाब मोड़ स्थित त्रिमूर्ति चौक पर गाँधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम में वरीय कलाकार आलोक चोपड़ा ने गाँधीजी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ का सजीव गायन कर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनके साथ मेहर आज़ाद, ओम प्रकाश प्रियदर्शी, सैयद एम. हुसैन एवं दीपक कुमार सहित अन्य कलाकारों ने सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर बिहार इप्टा के अध्यक्ष समी अहमद ने कहा कि महात्मा गाँधी एक सच्चे और बेख़ौफ़ महामानव थे, जिन्होंने केवल सत्य कहा ही नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में जिया। कॉ. शंभू नाथ मेहता ने कहा कि गाँधीजी को मात्र स्वतंत्रता सेनानी के रूप में देखना अधूरा सत्य है—वे स्वयं सत्याग्रह की साकार प्रतिमूर्ति थे। वरीय शिक्षाविद् डॉ. इक़बाल अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व में गाँधी के विचारों में आस्था रखने वाले लोग मौजूद हैं और उनके सिद्धांत आज भी शाश्वत मूल्य रखते हैं।
सभा के दौरान ठीक 11:00 बजे मुख्य सड़क गुरु गोविंद पथ पर दो मिनट का मौन रखकर समाज एवं राष्ट्र की ओर से बापू सहित स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई।
सभा में कॉ. मिथिलेश सिंह, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार यादव, ललन प्रसाद, रघुनाथ प्रसाद, प्रभात कुमार धवन, शंकर प्रसाद, अशोक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में एक प्रस्ताव पारित कर सरकार एवं प्रशासन से मांग की गई कि मंगल तालाब स्थित मनोज कमलिया स्टेडियम में स्थापित गाँधीजी की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षति पहुँचाए जाने की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए तथा वहां नई प्रतिमा स्थापित की जाए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद् विजय कुमार सिंह ने किया।



