जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यसंस्कृति एवं अंतर-विभागीय समन्वय को लेकर समीक्षा बैठक
छपरा, 05 जनवरी। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज जिले के सभी कार्यालयों में कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने तथा अंतर-विभागीय समन्वय को प्रभावी बनाने को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समयबद्धता, जवाबदेही और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने जिन कार्यालयों में अब तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली क्रियाशील नहीं की गई है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए तत्काल इसे लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी क्रियाशील पंचायत सरकार भवनों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली अधिष्ठापित कराने का निर्देश जिला पंचायत राज पदाधिकारी को दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन एवं मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा स्वयं जिलाधिकारी करेंगे, जिसके लिए डीआईओ को प्रतिदिन बायोमेट्रिक अटेंडेंस की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सभी पदाधिकारियों को विभागीय मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने तथा जनशिकायत से संबंधित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देशित किया कि विभाग से प्राप्त पत्रों को 48 घंटे के भीतर संचिका में प्रस्तुत किया जाए।
न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग में लंबित मामलों के संदर्भ में ससमय तथ्य विवरणी दाखिल करने एवं वांछित प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया। वहीं, राशन कार्ड निर्माण से संबंधित सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित करने के लिए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को आदेशित किया गया।
विभागीय कार्यवाही के संचालन से जुड़े मामलों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित संचालन एवं उपस्थापन पदाधिकारियों को दिया गया। इसके अलावा खनुआ नाला एवं डबल डेकर निर्माण कार्य में बाधक सभी अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने का भी निर्देश जारी किया गया।
बैठक में अपर समाहर्त्ता, नगर आयुक्त, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी जुड़े।



