छपरा, सारण: सारण पुलिस ने अपराध के गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। बुधवार को एक पॉक्सो (POCSO) मामले में त्वरित विचारण (Speedy Trial) के बाद, एक अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के आलोक में, सारण जिले में 2025 के दौरान गंभीर अपराधों को चिन्हित कर उनके विचारण में तेजी लाई जा रही है। इसी कड़ी में, महिला थाना कांड संख्या-65/24 के अभियुक्त शिवमोहन सिंह उर्फ पप्पू कुमार को माननीय विशेष न्यायालय (पोक्सो) की न्यायाधीश श्रीमती अस्मिता राज ने दोषी पाया।
अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 65(2) के तहत 20 साल की कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना, तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 20 साल की कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि यदि अभियुक्त जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक मामले में 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
इस मामले में पुलिस ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर 11 माह 3 दिन के भीतर विचारण पूरा करवाया। लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा और उनके सहायक अधिवक्ता अश्विनी कुमार ने अभियोजन पक्ष से दमदार पैरवी की। इस दौरान, डॉक्टर और अनुसंधानकर्ता समेत कुल 7 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
सारण पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि वे आगे भी गंभीर मामलों में त्वरित विचारण कराकर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रयासरत रहेंगे, ताकि समाज में न्याय की स्थापना हो सके और अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।