HomeArt & Cultureसफ़दर हाशमी के शहादत दिवस पर इप्टा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, लोकनाट्य...

सफ़दर हाशमी के शहादत दिवस पर इप्टा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, लोकनाट्य और प्रतिरोध की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

बिहार इप्टा के महासचिव फ़ीरोज़ अशरफ़ खां ने कहा कि “सफ़दर हाशमी की शहादत हमें यह याद दिलाती है कि कला कभी तटस्थ नहीं होती। वह या तो शोषण के साथ खड़ी होगी या उसके खिलाफ। इप्टा की परंपरा उसी जनसंघर्ष की परंपरा है, जिसे सफ़दर हाशमी ने अपने खून से सींचा।”

छपरा (सारण)। प्रसिद्ध रंगकर्मी, जननाट्य आंदोलन के अग्रदूत और शोषण-विरोधी आवाज़ सफ़दर हाशमी के शहादत दिवस के अवसर पर इप्टा सुतिहार द्वारा राजीव रंजन मंच, आधुनिक मेगा मार्ट कैंपस, सुतिहार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कला, संस्कृति और सामाजिक संघर्ष से जुड़े वक्ताओं ने सफ़दर हाशमी के विचारों, संघर्ष और विरासत को याद किया।

सभा में परसा विधायिका डॉ. करिश्मा राय, बिहार इप्टा के उपाध्यक्ष मंडल सदस्य रमेश प्रसाद यादव, कार्यवाहक महासचिव फ़ीरोज़ अशरफ़ खां, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य डॉ. अमित रंजन, सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, राजेन्द्र राय, भूपेश भीम सहित कई रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

डॉ. करिश्मा राय ने अपने संबोधन में कहा कि  “सफ़दर हाशमी केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि जनपक्षधर विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने रंगमंच को सत्ता के दरबार से निकालकर आम जनता की गलियों तक पहुंचाया। आज ज़रूरत है कि हम उनकी तरह सच बोलने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस रखें।”

बिहार इप्टा के महासचिव फ़ीरोज़ अशरफ़ खां ने कहा कि “सफ़दर हाशमी की शहादत हमें यह याद दिलाती है कि कला कभी तटस्थ नहीं होती। वह या तो शोषण के साथ खड़ी होगी या उसके खिलाफ। इप्टा की परंपरा उसी जनसंघर्ष की परंपरा है, जिसे सफ़दर हाशमी ने अपने खून से सींचा।”

राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य डॉ. अमित रंजन ने अपने वक्तव्य में कहा कि “सफ़दर हाशमी ने यह साबित किया कि नाटक और गीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के औज़ार हैं। आज जब लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमले बढ़ रहे हैं, तब सफ़दर के विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं।”

कार्यक्रम में वक्ताओं ने जननाट्य, प्रतिरोधी संस्कृति और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर संघर्ष का आह्वान किया। श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने सफ़दर हाशमी के सपनों को आगे बढ़ाने और जनपक्षधर कला को मजबूत करने का संकल्प लिया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments