पटना, 28 फरवरी 2026। बिहार में इलेक्ट्रिक बस सेवा को और अधिक मजबूत, सुगम और हाईटेक बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार के छह प्रमुख शहरों में आधुनिक ई-बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 62 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत आएगी।
किन जिलों में बनेंगे डिपो?
परिवहन मंत्री के अनुसार, इन आधुनिक डिपो का निर्माण पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया में किया जाएगा। इन डिपो के बनने से ई-बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग सुविधाओं में क्रांतिकारी सुधार आएगा। इस संपूर्ण निर्माण कार्य की जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई है।
डिपो में मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
इन आधुनिक बस डिपो में यात्रियों और बस कर्मियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक डिपो में प्रशासनिक भवन, आधुनिक कार्यशाला, बसों की धुलाई के लिए रैंप, एक साथ कई बसों की पार्किंग की व्यवस्था और चार्जिंग स्टेशन मौजूद होंगे। इसके अलावा, निर्बाध संचालन के लिए पावर बैकअप, सार्वजनिक शौचालय, फीडिंग रूम और सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगभग 2 मीटर ऊंची सीमा दीवार का निर्माण किया जाएगा।
जिलेवार अतिरिक्त सुविधाएं
- मुजफ्फरपुर और पूर्णिया: टर्मिनल सह सार्वजनिक प्रतीक्षालय क्षेत्र, शेड, सड़क, पेवर ब्लॉक, दुकान, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म व गार्ड रूम।
- गया: सड़क, पेवर ब्लॉक, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, दुकान, टर्मिनल व ई-बस चार्जिंग स्टेशन।
- भागलपुर: पेवर ब्लॉक, सड़क, दुकान, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, सीमा दीवार, गार्ड रूम, टर्मिनल और ई-बस स्टेशन पर शेड।
- दरभंगा: शेड, पेवर ब्लॉक, दुकान, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म, गार्ड रूम और सीमा दीवार।
पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधा पर जोर
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ये आधुनिक डिपो इलेक्ट्रिक बसों के सुरक्षित संचालन, उनके बेहतर रखरखाव, यात्रियों की सुविधा और चालक-कंडक्टर के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।



