छपरा, 03 जनवरी। सारण जिले में उद्योगों के विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बड़ा कदम उठाया है। अब उद्यमियों की समस्याएं फाइलों में नहीं, बल्कि सीधे डीएम के सामने सुनी और सुलझाई जाएंगी। इसी उद्देश्य से परिसदन सभागार में उद्यमियों के साथ “उद्योग वार्ता” का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के 60 से अधिक उद्यमियों ने खुलकर अपनी बात रखी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उद्योगों का विकास तभी संभव है जब प्रशासन और उद्यमी साझेदारी की भावना से साथ काम करें। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक गुरुवार को उद्यमियों के साथ सीधा संवाद होगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
उद्योग वार्ता में बिजली आपूर्ति व अस्थिर वोल्टेज, पीएमईजीपी सब्सिडी के लंबित भुगतान, उद्योग विस्तार के लिए क्रेडिट सुविधा, जलनिकासी की समस्या, लाइसेंस निर्गत करने में देरी जैसे अहम मुद्दे उठे। फ्लाई ऐश ब्रिक निर्माताओं ने सरकारी परियोजनाओं में इसके अनिवार्य उपयोग की मांग रखी, वहीं स्टार्टअप संचालकों ने प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को लिखित रूप में संकलित कर संबंधित विभागों के साथ शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उद्यमियों के साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
उद्योग वार्ता में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में उद्यमी एवं व्यवसायी उपस्थित रहे। कार्यक्रम से उद्यमियों में नई उम्मीद जगी है और जिले में उद्योगों के विकास की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।



