छपरा, 03 जनवरी 2026। जिला प्रशासन में कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आज जिले के सभी शाखाओं एवं कार्यालयों के प्रधान लिपिकों तथा नाज़िरों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में कार्यालयी कार्य पद्धति, अभिलेख संधारण और वित्तीय अनुशासन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में आगत एवं निर्गत पंजी का विधिवत संधारण सुनिश्चित किया जाए। किस पत्र को किस संचिका में निष्पादित किया गया है, इसकी स्पष्ट प्रविष्टि आगत पंजी में अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। इसके साथ ही सभी प्रधान लिपिकों को लिपिकवार लॉगबुक के संधारण का दायित्व सौंपा गया।
उन्होंने न्यायालय, मानवाधिकार, लोक शिकायत, आरटीआई आदि से संबंधित मामलों के लिए अलग-अलग पंजी संधारित करने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यालयों में लिपिकों के बीच समानुपातिक कार्यभार वितरण, संचिकाओं का सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा प्रत्येक लिपिक के कार्य-टेबल पर नेमप्लेट एवं उनके दायित्वों की सूची प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया।
वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष बल देते हुए सभी नाज़िरों को कैशबुक के अद्यतन संधारण और बैंक स्टेटमेंट तथा कैशबुक ट्रांजेक्शन का प्रत्येक माह मिलान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न लिपिकों से सीधे फीडबैक भी लिया और स्पष्ट किया कि 15 दिनों के भीतर पुनः फॉलो-अप बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आज दिए गए निर्देशों के अनुपालन की गहन समीक्षा की जाएगी।
बैठक में स्थापना उपसमाहर्त्ता सहित जिले के विभिन्न शाखाओं एवं कार्यालयों के प्रधान लिपिक और नाज़िर उपस्थित रहे।



