छपरा 04 जनवरी 2026। सारण पुलिस द्वारा वर्ष 2025 के वार्षिक अपराध आंकड़ों का पिछले चार वर्षों (2021–2024) के समेकित औसत से तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण में जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में ऐतिहासिक सफलता सामने आई है। डॉ० कुमार आशीष, पुलिस उप महानिरीक्षक–सह–वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण के कुशल नेतृत्व, रणनीतिक सोच और सख़्त निगरानी में अपनाई गई सजग पुलिसिंग, निवारक कार्रवाई और तकनीकी नवाचारों के कारण संगीन अपराधों के ग्राफ में व्यापक गिरावट दर्ज की गई है।
अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट (प्रतिशत में सुधार)
सारण जिले में वर्ष 2025 के दौरान अपराधों के आंकड़े प्रशासनिक दक्षता की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं—
- हत्या (Murder): 15% की गिरावट
- लूट (Robbery): 50% की प्रभावी कमी
- डकैती (Dacoity): 33% की कमी
- चोरी (Theft): 22% की गिरावट
- आर्म्स एक्ट: अवैध शस्त्रों के मामलों में 17% की कमी
- दंगा (Riots): सामान्य दंगों में 78% और भीषण दंगों में 50% की ऐतिहासिक कमी
ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि जिले में कानून का इकबाल मज़बूती से स्थापित हुआ है।
निर्णायक कार्रवाई और मुठभेड़ से टूटा अपराधियों का मनोबल
वर्ष 2025 में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सारण पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की। कुल 05 कांडों में 07 कुख्यात वांछित अपराधियों को मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। प्रमुख घटनाएं—
- डॉ० सजल अपहरण कांड: हथियार बरामदगी के दौरान रंजन राय व सोनू राय की पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल।
- मांझी शराब माफिया मुठभेड़: नदी मार्ग से शराब तस्करी कर रहे गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य तस्कर अजय राय घायल।
- छोटी तेलपा हत्या कांड: कुख्यात नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय मुठभेड़ में घायल।
- एकमा तिलकार मुठभेड़: 1 लाख के इनामी मुन्ना मियां और उसका साथी रंजीत सिंह घायल।
- तरैया मुठभेड़: STF व जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात रणधीर यादव उर्फ भुअर घायल।
इसके अतिरिक्त TOP-10 अपराधियों की सूची तैयार कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
सुदृढ़ गश्त और बीट पुलिसिंग
रात्रि सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए ‘सुपर पेट्रोलिंग’ की शुरुआत की गई, जिसकी सतत निगरानी वरीय अधिकारियों द्वारा की जा रही है। वहीं ‘बीट पुलिसिंग’ ने पुलिस की पहुँच शहर से लेकर गांव के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की।
वाहन चेकिंग और सीमा निगरानी
अंतर्जिला सीमाओं और संवेदनशील बिंदुओं पर नियमित एंटी-क्राइम वाहन चेकिंग अभियान से अवैध गतिविधियों और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ।
तकनीकी सशक्तिकरण: ऑपरेशन त्रिनेत्र और डायल 112
‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार और ERSS-112 की त्वरित रिस्पांस व्यवस्था ने अपराध नियंत्रण व उद्भेदन को अधिक वैज्ञानिक, तेज़ और प्रभावी बनाया।
प्रिवेंटिव पुलिसिंग और जन-संवाद
शांति समितियों के साथ निरंतर संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग और छोटे विवादों का समय पर समाधान—दंगों और सामाजिक तनाव में आई भारी कमी का प्रमुख कारण रहा।
संकल्प: भयमुक्त और सुरक्षित सारण
सारण पुलिस जिले में भयमुक्त वातावरण, शांति और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया गया है।
— सारण पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित



