छपरा, 7 अप्रैल 2026। सारण के विकास को नई गति देने और लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को समाहरणालय सभागार, छपरा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद राजीव प्रताप रूडी ने की, जिसमें जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
बैठक की शुरुआत पिछली (22 अगस्त 2025) बैठक में उठाए गए मुद्दों की समीक्षा से हुई। सांसद ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयसीमा और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए।
विकास कार्यों पर फोकस
भू-अर्जन से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर विस्तृत समेकित सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया, जिसमें मुआवजा भुगतान की स्थिति और शेष मामलों की स्पष्ट टाइमलाइन शामिल होगी। इससे परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
नगर निगम छपरा में अमृत-3 योजना के तहत 9951 घरों में नल-जल कनेक्शन देने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। इससे पहले जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर सूची को अंतिम रूप देने की बात कही गई।
पर्यावरण और तकनीक का समन्वय
जिले में सरकारी जमीन पर स्थित पेड़ों की जियो-टैगिंग पर विशेष जोर दिया गया। अब तक 8 सड़कों के किनारे पेड़ों की टैगिंग हो चुकी है, जबकि अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी यह कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की बात कही गई।
समन्वय और जवाबदेही पर सख्ती
सड़क, नाली, पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए यूटिलिटी कोऑर्डिनेशन ग्रुप बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही, सड़क खुदाई के बाद मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की ही तय की गई—जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।
शहरी और ग्रामीण सुधार की दिशा
- सूखे कचरे के प्रबंधन के लिए 3-4 स्थानों पर क्लस्टर आधारित व्यवस्था विकसित की जाएगी।
- विद्यालयों की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्राथमिकता से कार्रवाई होगी।
- पंचायत सरकार भवन निर्माण में स्थल चयन को लेकर शिकायतों की जांच कराई जाएगी।
ऊर्जा और कृषि पर भी नजर
जिले में एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक घरों तक गैस सुविधा पहुंचाने का निर्देश दिया गया। सीमांत किसानों से अधिक अधिप्राप्ति सुनिश्चित करने और सहकारिता व कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
सख्त निर्देश और आगामी रणनीति
राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध निर्माण पर कार्रवाई, नहरों की समय पर उड़ाही, और ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
साथ ही, शिक्षा संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए मई के पहले सप्ताह में अलग से बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में विभिन्न सांसद, विधायक, विधान पार्षद, नगर निगम प्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि विकास कार्यों को लेकर सभी स्तरों पर गंभीरता और समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
‘दिशा’ की इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि सारण जिले में विकास कार्यों को अब न केवल गति मिलेगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ उन्हें जमीन पर उतारने की ठोस रणनीति भी तैयार हो चुकी है।



