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बजट 2026: नीतीश सरकार का “सोशल जस्टिस कोड”, SC-ST के लिए 21 हजार करोड़ का स्पष्ट संकेत

बिहार बजट 2026-27 को सामाजिक न्याय और इंफ्रास्ट्रक्चर के संतुलन वाला बजट बताया जा रहा है, जिसमें कल्याण के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास पर भी साफ फोकस नजर आता है।

SC-ST मेगा पैकेज के साथ बिहार बजट 2026-27: सामाजिक न्याय को मिला केंद्र, इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार

पटना। बिहार बजट 2026-27 में नीतीश सरकार ने सामाजिक न्याय को नीति के केंद्र में रखते हुए बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश दिया है। बजट में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए अलग से “मेगा पैकेज” का प्रावधान किया गया है। SC-ST सब-प्लान के तहत सरकार ने 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि तय की है, जिसे सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बजट दस्तावेजों के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 19,603 करोड़ 2 लाख रुपये, जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1,648 करोड़ 42 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि सब-प्लान के रूप में चिन्हित है, यानी इसका उपयोग केवल SC-ST समुदाय से जुड़ी योजनाओं पर ही किया जाएगा।

सरकार के मुताबिक यह फंड शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, छात्रावास, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में खर्च होगा। खास तौर पर छात्रवृत्ति, आवास योजनाओं और स्वरोजगार कार्यक्रमों को इससे गति मिलने की उम्मीद है। बजट में SC-ST युवाओं की शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने का भी स्पष्ट संकेत दिया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार का फोकस

सामाजिक न्याय के साथ-साथ बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर भी जोर दिया गया है। सड़क, पुल, बिजली और शहरी सुविधाओं को विकास की रीढ़ बताया गया है। सरकार का दावा है कि बीते एक दशक में किए गए निवेश का असर अब जमीन पर दिख रहा है।
आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में बिहार की ग्रामीण सड़कों की कुल लंबाई करीब 64 हजार किलोमीटर थी, जो 2025-26 तक बढ़कर 1 लाख 19 हजार किलोमीटर से अधिक हो चुकी है। नए बजट में इसी विकास गति को और तेज करने का लक्ष्य रखा गया है।

कुल मिलाकर बिहार बजट 2026-27 को सामाजिक न्याय और इंफ्रास्ट्रक्चर के संतुलन वाला बजट बताया जा रहा है, जिसमें कल्याण के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास पर भी साफ फोकस नजर आता है।

 

(फोटो- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सौजन्य से)

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