छपरा। सारण जिले के मशरख थाना क्षेत्र में आस्था को झकझोर देने वाली सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है। मशरख स्थित रामजानकी मंदिर में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए भगवान राम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी की अष्टधातु की मूर्तियों सहित नकद राशि चोरी कर ली। चोरी की सूचना मंदिर के सफाईकर्मी द्वारा प्रातः लगभग 03:00 बजे मशरख थाना को दी गई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही मशरख थाना पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वयं पुलिस उपमहानिरीक्षक-सह-वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मढ़ौरा-2 मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने चोरी की त्वरित उद्भेदन, चोरी गए सामान की शीघ्र बरामदगी तथा अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए संबंधित पदाधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार चोरों ने मंदिर के पीछे का ताला काटकर छोटे गेट की कुंडी तोड़ी, इसके बाद सीसीटीवी कैमरे का तार काटकर सुरक्षा व्यवस्था को निष्क्रिय कर दिया। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ है कि चोरी की घटना रात्रि लगभग 12:30 बजे हुई, जिसमें चार संदिग्ध व्यक्तियों को मंदिर परिसर के आसपास देखा गया है। चोर मंदिर से भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की अष्टधातु की कुल तीन मूर्तियाँ एवं नकद राशि लेकर फरार हो गए।
घटना के सफल उद्भेदन के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मशरख के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गहन अनुसंधान कर रही है। डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है और सभी संभावित पहलुओं से जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस चोरी की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।
इस बीच पुलिस विभाग ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए रात्रि गश्ती दल के सहायक अवर निरीक्षक (स०अ०नि०) जितेन्द्र चौधरी को गश्ती एवं चेकिंग कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अन्य दोषी एवं लापरवाह अधिकारियों को भी चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रामजानकी मंदिर में हुई इस चोरी की घटना से क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन पर इस सनसनीखेज वारदात के शीघ्र खुलासे का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।



