छपरा स्थित सीपीएस स्कूल के भव्य ऑडिटोरियम में एल्यूमनी मीट–2026 का आयोजन न केवल सुव्यवस्थित रहा, बल्कि भावनाओं और स्मृतियों से भी सराबोर दिखा। यह कार्यक्रम विद्यालय की 32 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का जीवंत प्रतीक बन गया, जब वर्ष 2001 से 2015 तक के पूर्व छात्र (एल्यूमनी) एक बार फिर अपने विद्यालय परिसर में लौटे और बचपन, संघर्ष व सफलता की अनगिनत यादों को ताज़ा किया।
कार्यक्रम को विद्यालय की संस्थापक प्राचार्या मीना सिंह एवं संस्थापक मार्गदर्शक जितेंद्र सिंह का स्नेहिल सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे विशिष्ट अतिथियों ने सम्पन्न किया।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. हरेंद्र सिंह एवं प्राचार्य मुरारी सिंह ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया, जिससे पूरे आयोजन में पारिवारिक अपनत्व और गरिमा का वातावरण बना रहा।
मंच से एल्यूमनी ने अपने विद्यालय जीवन की स्मृतियाँ, संघर्षों के अनुभव और सफलता की कहानियाँ साझा कीं। इन पलों ने सभागार को भावुक, प्रेरणादायक और गर्व से भर दिया। सभी एल्यूमनी को मोमेंटो एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में चेयरमैन डॉ. हरेंद्र सिंह ने कहा कि “सीपीएस केवल एक शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है जहाँ से विद्यार्थी जीवन की दिशा और संस्कार दोनों लेकर आगे बढ़ते हैं। वर्षों बाद एल्यूमनी को सफल, आत्मविश्वासी और समाज में स्थापित रूप में देखना अत्यंत गर्व का क्षण है। यह एल्यूमनी मीट संघर्ष से सफलता तक की उसी यात्रा का उत्सव है, जिसकी शुरुआत इसी परिसर से हुई थी।”
विद्यालय प्रबंधन ने इसे छपरा के विद्यालयों में इस तरह का पहला और ऐतिहासिक एल्यूमनी मीट बताते हुए कहा कि इस आयोजन ने सीपीएस को एक बार फिर ट्रेंड सेटर के रूप में स्थापित किया है। जो एल्यूमनी उपस्थित नहीं हो सके, उनके लिए संदेश दिया गया कि भविष्य में पुनः एल्यूमनी मीट का आयोजन होगा तथा 2015 के बाद के बैचों के लिए भी अलग कार्यक्रम शीघ्र तय किए जाएंगे।
इस भव्य आयोजन का सफल समन्वय प्रबंधक डॉ. विकाश कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ, जबकि अश्विनी परमार की भूमिका भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
एल्यूमनी मीट–2026 ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि समय आगे बढ़ सकता है, रास्ते बदल सकते हैं, लेकिन स्कूल से जुड़े संस्कार, रिश्ते और यादें कभी नहीं मिटतीं—वे हमेशा जीवित रहती हैं।



