छपरा, 31 दिसम्बर 2025। भू-अर्जन से संबंधित मुआवजे के भुगतान में हो रही देरी और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने मंगलवार को जिला भू-अर्जन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इससे पूर्व कुछ पंचाटी एवं हितबद्ध रैयतों ने जिलाधिकारी से मिलकर मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने उन्हें तत्काल जिला भू-अर्जन कार्यालय भेजते हुए स्वयं कार्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंचाटी एवं हितबद्ध रैयतों के मुआवजा भुगतान से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच-पड़ताल की। जांच में यह पाया गया कि कई मामलों में मुआवजा भुगतान हेतु सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद महीनों से भुगतान लंबित रखा गया था। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अनावश्यक विलंब के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास से जुड़ी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया का ससमय पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि भू-अर्जन प्रक्रिया में जानबूझकर विलंब या व्यवधान उत्पन्न करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से परियोजनावार विभिन्न मौजों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि हितबद्ध रैयतों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा सकें।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पंचाटी एवं हितबद्ध रैयतों की सुविधा के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय में एक स्थायी हेल्पडेस्क भी स्थापित किया गया है। यहां संबंधित व्यक्ति अपने दस्तावेज जमा कर पावती प्राप्त कर सकते हैं तथा मुआवजा भुगतान से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य जानकारियां भी प्राप्त कर सकते हैं।
भू-अर्जन से संबंधित मुआवजा भुगतान में किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर पंचाटी अथवा हितबद्ध रैयत जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06152-245023 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की नियमित समीक्षा की जा रही है।



